लंबाई नहीं बढ़े तो!

29 08 2009

heightक्या आपक ा बच्चा अपने हम उम्र बच्चों से लंबाई में छोटा है यदि हां, तो अभी से चेत जाइए। हो सकता आपके बच्चे की लंबाई “सीलिएक डिजीज” की वजह से नहीं बढ़ रही हो। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज [एम्स] नई दिल्ली में हुए एक अनुसंधान के निष्कर्षों से पता चला है कि बच्चों की लंबाई नहीं बढ़ने का एक प्रमुख कारण सीलिएक डिजीज है।

क्या है सीलिएक
सीलिएक यानी गेहूं से एलर्जी की बीमारी। दरअसल सीलिएक रोग में गेहूं से एलर्जी के कारण उसमें पाए जाने वाले “ग्लूटेन” प्रोटीन का शरीर में पाचन नहीं हो पाता और मरीज की छोटी आंत की विलाई नष्ट होने लगती है। गेहूं अपने आप में बुरा नहीं है, लेकिन गेहूं में पाए जाने वाले कुछ तžवों [प्रोटीन] से कई लोगों को एलर्जी हो जाती है, तो उनको सीलिएक रोग हो जाता है। यह ठीक वैसा ही है, जैसे किसी व्यक्ति को किसी दूसरे तžवों [चीजों] से एलर्जी हो जाती है और वह अस्थमा ग्रस्त हो जाता है। प्रभावित व्यक्ति में दस्त, पेट फूलना, सर्दी जुकाम, रक्त की कमी, अस्थमा, शारीरिक वृद्धि रूक जाना जैसी शिकायतें रहने लगती हैं।

कौन प्रभावित होता है
वैसे तो सीलिएक डिजीज किसी भी उम्र के मरीजों में पाई जा सकती है, पर सबसे ज्यादा यह बीमारी बच्चों में डायग्नोस की जाती है।

एम्स में शोध
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, नई दिल्ली
में एंडोक्राइनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म डिपार्टमेंट के वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च में पाया कि लंबाई नहीं बढ़ने की शिकायत लेकर आए 100 बच्चों में 18 बच्चों को सीलिएक डिजीज है। पेट के लक्षणों के अलावा इस बीमारी का एक प्रमुख लक्षण है बच्चों की लंबाई नहीं बढ़ना। ऎसा भी संभव है सीलिएक डिजीज से ग्रस्त बच्चों में लंबाई नहीं बढ़ने के अलावा दूसरे कोई लक्षण ही नहीं हों।

अत: ऎसे बच्चे जिनकी लंबाई नहीं बढ़ रही हो एक साधारण ब्लड टेस्ट [टीटीजी] कराकर सीलिएक डिजीज की पहचान की जा सकती है। समय पर सही डायग्नोसिस और उपचार से बच्चों को राहत मिल सकती है।

क्या है उपचार
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में असिस्टेंट प्रोफेसर एवं एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. राजेश खड़गावत कहते हैं, “एक बार सीलिएक डिजीज डायग्नोसिस हो जाए, तो गेहूं से बनी हुई चीजें जीवन भर के लिए बंद करनी पड़ती हैं।”

क्या खाएं
चावल, चिवड़ा, मुरमुरा, अरारोट, साबूदाना, मक्का, ज्वार, बाजरा, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा, आलू का आटा, दूध और दूध से घर में बने पदार्थ, मक्खन, घी, मछली, चिकन, अंडा, सभी दालें, सभी फल, सब्जियां, चाय, कॉफी, शहद, रसगुल्ला, घर के बेसन की बनी चीजें, इडली, डोसा, सांभर बड़ा, पॉपकॉर्न, चना [भूंगड़े], चावल के नूडल्स, पेठा इत्यादि।
क्या नहीं खाएं

गेहूं, गेहूं का आटा, मैदा, पूरी, सूजी, सेवइयां, जौ, जई, समोसा, मठरी, पैटीज, ब्ा्रेड, दलिया, बाजार की आइसक्रीम, चॉकलेट, दूध, शैक, बर्फी, जलेबी, सॉस, टॉफी, कस्टर्ड पाउडर, बॉर्नविटा, बूस्ट, गुलाब जामुन, बिस्कुट, प्रोटीन पाउडर, रेडिमेड कॉर्नेफ्लेक्स।


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